खैरहा/शहडोल: साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) सोहागपुर क्षेत्र द्वारा करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद क्षेत्र की सड़कें बदहाली के आंसू रो रही हैं। सोहागपुर एरिया अंतर्गत सरईकापा से खैरहा मार्ग पर लगातार बन रहे जानलेवा गड्ढे और उड़ती धूल ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राप्त आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, इस मार्ग के नवीनीकरण और रखरखाव के लिए बाकायदा साढ़े तीन करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट जारी किया गया था, जिसमें 5 साल तक का व्यापक रखरखाव भी शामिल था।
दस्तावेज़ से हुआ बड़ा खुलासा: क्या था पूरा प्रोजेक्ट?
SECL बिलासपुर मुख्यालय (सिविल विभाग) द्वारा जारी वर्क ऑर्डर क्रमांक GM(C)/SECL/BSP/WO/SGP/2022/169 के अनुसार:
कार्य का नाम: सरईकापा गांव से खैरहा गांव तक पीडब्ल्यूडी (PWD) सड़क का री-कार्पेटिंग कार्य।
सरईकापा से राजेंद्र कॉलोनी तिराहा: 7.00 किमी (7.00 मीटर चौड़ाई)
राजेंद्र कॉलोनी तिराहा से खैरहा गांव: 3.50 किमी (3.75 मीटर चौड़ाई)
स्वीकृत राशि: ₹3,49,72,660.80 (लगभग 3 करोड़ 50 लाख रुपये जीएसटी सहित)।
ठेका एजेंसी: मेसर्स देव कंस्ट्रक्शंस (M/s DEV CONSTRUCTIONS), कोठी, जिला सतना (म.प्र.)।
अनुबंध की शर्तें: निर्माण कार्य के लिए 180 दिन तथा उसके बाद 5 वर्ष (1825 दिन) का डिफेक्ट लायबिलिटी/रखरखाव अवधि तय की गई थी। कुल परियोजना अवधि 2005 दिनों की निर्धारित थी।
ज़मीनी हकीकत: कागजों में '5 साल की गारंटी', सड़क पर सिर्फ 'गड्ढे और धूल'
दस्तावेजों में स्पष्ट उल्लेख है कि सड़क बनने के बाद अगले 5 वर्षों तक यदि कोई भी टूट-फूट या गड्ढा होता है, तो उसे दुरुस्त करने की पूरी ज़िम्मेदारी संबंधित निर्माण एजेंसी की होगी।
इसके बावजूद ज़मीनी स्तर पर:
सड़क पर लगातार बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं, जिससे आए दिन राहगीर और दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।
भारी वाहनों और कोयला परिवहन के दबाव के बीच सड़क की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं।
नियमित पैचवर्क और मेंटेनेंस न होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ज़िम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
वर्क ऑर्डर की शर्तों के अनुसार, कार्य की गुणवत्ता और समयबद्ध रखरखाव की निगरानी का दायित्व स्टाफ ऑफिसर (सिविल), सोहागपुर एरिया (SECL) के पास था, जो इस कार्य के 'इंजीनियर-इन-चार्ज' नामित हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब अनुबंध में 5 साल तक मुफ्त मरम्मत और रखरखाव की स्पष्ट शर्त थी, तो फिर समय पर गड्ढों की मरम्मत क्यों नहीं कराई जा रही है? क्या SECL प्रबंधन द्वारा ठेकेदार की बैंक गारंटी व सुरक्षा निधि की शर्तों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है?
जनहित की मांग:
सरईकापा से खैरहा मार्ग की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए।
5 वर्षीय मेंटेनेंस क्लॉज के तहत संबंधित एजेंसी से अविलंब गुणवत्तापूर्ण डामरीकरण व गड्ढा-मुक्ति का कार्य पूरा कराया जाए।
लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार और संबंधित मॉनिटरिंग अधिकारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

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