भोपाल, 2 जून 2026: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद हेतु प्लानिंग के साथ आगे बढ़ रहे श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया किसी समर्थक विधायक श्री प्रीतम सिंह लोधी ने शिवपुरी ग्वालियर क्षेत्र में आतंक का दूसरा नाम रहे डाकू रामबाबू गडरिया को भला आदमी बताया है और उसके साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों की कहानी भी सुनाई। इतना ही नहीं लोकमाता अहिल्यादेवी के साथ उसकी तस्वीर रखकर माला पहनाई।
MLA Pritam Singh Lodhi Sparks Row, Compares Dacoit Rambabu Gadariya to Ahilyabai Holkar
रविवार को पिछोर में अहिल्याबाई होल्कर जयंती कार्यक्रम में विधायक श्री प्रीतम लोधी ने रामबाबू गडरिया की तस्वीर पर माल्यार्पण किया। इस प्रकार विधायक श्री प्रीतम लोधी ने यह ऐलान किया कि, कुख्यात डकैत रामबाबू गडरिया, अहिल्याबाई के समान, महान है। सिर्फ इतना ही नहीं, कार्यक्रम अहिल्याबाई होल्कर की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था लेकिन विधायक श्री प्रीतम लोधी ने 13 निर्दोष लोगों को लाइन से खड़ा करके नरसंहार करने वाले, शिवपुरी ग्वालियर में कई सालों तक दहशत का दूसरा नाम रहे डकैत रामबाबू गडरिया के बारे में भाषण दिया और उसके साथ अपने संबंधों पर गर्व किया है।
विधायक ने बताया कि मैंने डकैत के समर्थन में प्रदर्शन किया था
अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए विधायक श्री प्रीतम सिंह लोधी ने कहा कि, रामबाबू डकैत बनने लायक नहीं था, वह भला आदमी था। अत्याचारों के कारण उसकी डकैत बनना पड़ा। हम दोनों एक-दूसरे के सुख-दुख के साथी रहे हैं। दावा किया कि रामबाबू की बहन पर अत्याचार होने के बाद उन्होंने उसके समर्थन में आवाज उठाई थी। ग्वालियर का कमिश्नर ऑफिस घेर लिया था। तब मीडिया ने कहा था कि गुंडे ने एक डकैत के समर्थन में प्रदर्शन किया है। मैं कहता हूं कि क्या डकैत इंसान नहीं होते।
रामबाबू गडरिया की बहन कौन थी
यहां उल्लेख करना उचित होगा कि, पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रामबाबू गडरिया की बहन, पूरे क्षेत्र में डकैत गिरोह से संपर्क और संवाद का केंद्र थी। यदि किसी को कोई सूचना डकैत गडरिया गिरोह तक पहुंचाना होती थी, तो वह सूचना उनकी बहन को दे दी जाती थी। डकैत गिरोह ने पॉलिटिक्स में भी एंट्री की थी। रामबाबू गडरिया की बहन ने चुनाव लड़ा था और गडरिया गिरोह की दहशत का असर ऐसा था, चुनाव जीत भी लिया था।
विधायक ने संस्मरण सुनाया: हम जेल में भी मिले थे और जंगल में भी
कार्यक्रम में विधायक श्री प्रीतम लोधी ने चंबल अंचल के कुख्यात डकैत रामबाबू गड़रिया को अपना भाई जैसा बताते हुए उसकी खुलकर प्रशंसा की। यह भी बताया कि हम जेल में भी मिले थे और जंगल में भी। इतना ही नहीं, कार्यक्रम के दौरान उन्होंने रामबाबू के समर्थन में नारे भी लगाए और उसके चित्र पर माल्यार्पण किया। बस स्टैंड परिसर में आयोजित समारोह में विधायक लोधी ने कहा, रामबाबू गड़रिया उनके सुख-दुख का साथी था और उन्होंने हमेशा उसका साथ दिया।
दरअसल, ग्वालियर शिवपुरी में जब गडरिया गिरोह का आतंक था, तब विधायक श्री प्रीतम लोधी ग्वालियर के हिस्ट्रीशीटर बदमाश थे। उनके खिलाफ दर्जनों मामले दर्ज थे। श्री लोधी के शब्दों में कहें तो उस समय प्रीतम लोधी एक इलाके का गुंडा था और रामबाबू गडरिया मध्य प्रदेश का सबसे खतरनाक डकैत।
डकैत रामबाबू गडरिया कितना खतरनाक था
बता दें कि रामबाबू का नाम चंबल के कुख्यात दस्युओं में रहा है। उसके गैंग पर हत्या, नरसंहार, अपहरण जैसे कई गंभीर अपराध दर्ज रहे हैं। उस पर 15 लाख रुपए का इनाम घोषित था। रामबाबू ने भंवरपुरा गांव में 13 गुर्जरों को लाइन में खड़ा कर गोलियों से भून दिया था,10 साल तक शिवपुरी सहित ग्वालियर चंबल संभाग पर आतंक का दूसरा नाम रहे डकैत रामबाबू गडरिया मप्र पुलिस के टारगेट सूची में नंबर 1 की पोजीशन पर रहा था।

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